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60 के बाद मांसपेशियाँ कमज़ोर पड़ रही हैं? नाश्ते में जोड़ें ये 6 चीज़ें

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गिरना। और फिर उठ न पाना।

बुज़ुर्गों वाले बहुत से परिवारों में यही सबसे बड़ा डर होता है। इसकी एक बड़ी वजह हैं कमज़ोर टाँगें। और टाँगों की ताक़त का रिश्ता सीधे उस चीज़ से है जो हम सुबह प्लेट में रखते हैं।

इस लेख में आपको मिलेंगे:

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  • नाश्ते की 6 प्रोटीन वाली चीज़ें, सबसे कम से सबसे ज़्यादा प्रोटीन के क्रम में
  • एक ऐसा बीज, जिसे शायद आप हर बार फेंक देते हैं
  • कल सुबह से बनने लायक़ तीन तैयार थालियाँ
  • घर पर करने वाला 30 सेकंड का टेस्ट, जो बताएगा कि आपकी टाँगें कहाँ खड़ी हैं (कुर्सी पास रख लीजिए)

हमारे नाश्ते में प्रोटीन कहाँ गायब हो जाता है?

सुबह के सात बजे हैं। हाथ में चाय है। प्लेट में दो बिस्कुट या एक कटोरी पोहा।

पेट भर गया। लेकिन प्रोटीन? लगभग न के बराबर।

विशेषज्ञ समूह आमतौर पर सलाह देते हैं कि हर भोजन में लगभग 25 से 30 ग्राम प्रोटीन हो। पर यूरोप के अध्ययनों में बुज़ुर्गों के नाश्ते में औसतन सिर्फ़ 7 से 11 ग्राम प्रोटीन पहुँचा।

इसका असर मांसपेशियों पर पड़ता है। तीस की उम्र के बाद मांसपेशियाँ हर दशक में लगभग 3 से 8 प्रतिशत घटती हैं। साठ के बाद यह रफ़्तार और तेज़ हो जाती है। इसलिए कमी भरने की शुरुआत नाश्ते से करना सबसे आसान है।

एक नज़र में: नाश्ते की 6 चीज़ें और उनका “प्रोटीन मीटर”

हमारा लक्ष्य एक वक़्त के भोजन में 25 ग्राम प्रोटीन है। हर चीज़ के आगे देखिए कि वह इस लक्ष्य का कितना हिस्सा भरती है।

क्रमचीज़लगभग प्रोटीन
6मूँगफली और बादाम (एक छोटी मुट्ठी)6 से 8 ग्राम
5सत्तू (2 से 3 बड़े चम्मच, यानी 40 ग्राम)लगभग 8 ग्राम
4कद्दू के बीज (एक मुट्ठी)8 से 9 ग्राम
3अंडे (2) या पनीर (100 ग्राम)12 से 13 ग्राम (अंडे) / लगभग 18 ग्राम (पनीर)
2हंग कर्ड, यानी छना हुआ दही (एक कटोरी)15 से 20 ग्राम
1पनीर भरा मूंग दाल का चीलालगभग 20 ग्राम

अब हर चीज़ को विस्तार से देखते हैं।

नंबर 6: मूँगफली और बादाम

प्रोटीन: 6 से 8 ग्राम

एक छोटी मुट्ठी मूँगफली में लगभग 8 ग्राम प्रोटीन होता है। यह अकेले पूरा नाश्ता नहीं बनता। लेकिन किसी भी थाली के ऊपर डाल दीजिए, तो वह थाली प्रोटीन में एक सीढ़ी ऊपर चढ़ जाती है।

कैसे खाएँ: रात भर भिगोकर खाएँ। अगर दाँत कमज़ोर हैं, तो दरदरा पीसकर दही या दलिया में मिला दें।

नंबर 5: सत्तू

प्रोटीन: लगभग 8 ग्राम

सत्तू में प्रति 100 ग्राम लगभग 20 ग्राम प्रोटीन होता है। दो से तीन बड़े चम्मच, यानी लगभग 40 ग्राम सत्तू से क़रीब 8 ग्राम प्रोटीन मिलता है। और इसे बनाने में सिर्फ़ दो मिनट लगते हैं।

कैसे खाएँ: ठंडे पानी या छाछ में घोलकर लें। नमक कम रखें।

नंबर 4: कद्दू के बीज

प्रोटीन: 8 से 9 ग्राम

अब वह चीज़, जो शायद आपकी रसोई में है, पर कूड़ेदान में जाती है।

कद्दू काटते समय जिन बीजों को हम फेंक देते हैं, उनमें प्रति 100 ग्राम लगभग 30 ग्राम प्रोटीन होता है। यानी मूँगफली और बादाम, दोनों से ज़्यादा। एक मुट्ठी बीजों से लगभग 8 से 9 ग्राम प्रोटीन मिलता है, और साथ में फाइबर भी।

कैसे खाएँ:

  • बाज़ार में छिले हुए कद्दू के बीज मिलते हैं। इन्हें हल्का भूनकर या पीसकर दलिया, दही या सत्तू में डालें।
  • घर के बीज हों, तो उन्हें धोएँ, सुखाएँ और हल्का भून लें।

ध्यान रखें: इनमें कैलोरी ज़्यादा होती है, इसलिए रोज़ एक मुट्ठी से ज़्यादा न लें। किडनी की समस्या हो, तो बीज और मेवों की मात्रा डॉक्टर से पूछकर तय करें।

नंबर 3: अंडे या पनीर

प्रोटीन: 12 से 13 ग्राम (अंडे), यानी लगभग आधा लक्ष्य

एक अंडे में लगभग 6 ग्राम प्रोटीन होता है। दो अंडे लगभग 12 से 13 ग्राम देते हैं, और पाँच मिनट में तैयार हो जाते हैं।

शाकाहारी हैं? तो 100 ग्राम पनीर में लगभग 18 ग्राम प्रोटीन मिलता है।

कैसे खाएँ: उबले हुए अंडे, या कम तेल की भुर्जी। साथ में सब्ज़ी और एक रोटी।

नंबर 2: हंग कर्ड (छना हुआ दही)

प्रोटीन: 15 से 20 ग्राम, यानी लगभग तीन-चौथाई लक्ष्य

यह आपके फ्रिज में आज भी होगा। और एक छोटी-सी तरकीब से इसमें प्रोटीन लगभग दोगुना हो जाता है।

सादे दही में प्रति 100 ग्राम लगभग 5 से 6 ग्राम प्रोटीन होता है। उसे मलमल के कपड़े में बाँधकर दो से तीन घंटे टाँग दीजिए। पानी निकल जाएगा, और वही दही प्रति 100 ग्राम लगभग 10 से 11 ग्राम प्रोटीन वाला बन जाएगा।

एक कटोरी, यानी 150 से 200 ग्राम हंग कर्ड में 15 से 20 ग्राम प्रोटीन मिलता है। वही दही, बस छानने की थोड़ी-सी मेहनत।

कैसे खाएँ: बिना चीनी के। ऊपर से कटा फल और थोड़े-से बीज डाल लें।

नंबर 1: पनीर भरा मूंग दाल का चीला

प्रोटीन: लगभग 20 ग्राम, और एक तरकीब से 25 के पार

यह वह चीज़ है जो आपने ज़रूर बनाई होगी, पर शायद अधूरी बनाई।

  • 50 ग्राम सूखी मूंग दाल से बने चीले में लगभग 12 ग्राम प्रोटीन होता है।
  • उसमें 40 से 50 ग्राम कद्दूकस किया हुआ पनीर भर दीजिए, तो एक चीला लगभग 20 ग्राम पर पहुँच जाता है।
  • यानी सादे चीले और भरे हुए चीले में लगभग दोगुने प्रोटीन का फ़र्क़ है।

अब साथ में आधी कटोरी हंग कर्ड जोड़ लीजिए। मीटर 28 से 30 ग्राम तक पहुँच जाता है। पूरा लक्ष्य, एक ही थाली में।

कैसे बनाएँ: दाल रात भर भिगोएँ। सुबह पीसकर नॉन-स्टिक तवे पर कम तेल में चीला सेंकें।

कल सुबह से बनाने लायक़ तीन तैयार थालियाँ

1. शाकाहारी थाली
मूंग-पनीर चीला और आधी कटोरी हंग कर्ड।
कुल: लगभग 28 से 30 ग्राम प्रोटीन।

2. अंडे वाली थाली
दो अंडे और एक कटोरी हंग कर्ड।
कुल: लगभग 27 से 33 ग्राम प्रोटीन, इस पर निर्भर कि कटोरी कितनी बड़ी है।

3. बजट थाली (बिना अंडा, पनीर और दूध के)
सादा मूंग चीला, एक गिलास सत्तू और एक मुट्ठी कद्दू के बीज।
कुल: लगभग 28 से 29 ग्राम प्रोटीन।

ये सब अनुमान हैं। मात्रा के हिसाब से आँकड़े थोड़े ऊपर-नीचे हो सकते हैं।

इन बातों का ध्यान ज़रूर रखें

  • किडनी की गंभीर बीमारी: अगर eGFR 30 से नीचे है, तो ज़्यादा प्रोटीन आपके लिए ठीक नहीं हो सकता। डॉक्टर से पूछे बिना प्रोटीन न बढ़ाएँ।
  • कोलेस्ट्रॉल, बीपी, शुगर या दिल की बीमारी: कोई भी बदलाव अपने डॉक्टर से पूछकर ही करें।
  • एलर्जी या पाचन की दिक्कत: मूँगफली से एलर्जी हो या दूध से पेट बिगड़ता हो, तो उस चीज़ से बचें और विकल्प चुनें।
  • बीपी के मरीज़: सत्तू में काला नमक ज़्यादा न डालें।

यह लेख सिर्फ़ जानकारी के लिए है। यह इलाज या डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है।

30 सेकंड का टेस्ट: आपकी टाँगें कितनी मज़बूत हैं?

क्या चाहिए: एक मज़बूत कुर्सी और समय नोट करने वाला कोई अपना।

कैसे करें:

  1. कुर्सी को दीवार से सटाकर रखें।
  2. दोनों हाथ छाती पर मोड़ लें।
  3. बिना किसी सहारे के, पाँच बार उठें और बैठें, जितनी तेज़ी से आराम से हो सके।
  4. किसी से स्टॉपवॉच चलवा लें।

नतीजा कैसे समझें: अगर पाँच बार उठने-बैठने में 12 से 15 सेकंड से ज़्यादा लगें, तो यह टाँगों की ताक़त कम होने का एक संकेत हो सकता है। यह किसी बीमारी की पुष्टि नहीं है, बस एक इशारा है। ऐसे में डॉक्टर या फिज़ियोथेरेपिस्ट से जाँच करवाएँ, और प्रोटीन के साथ हल्की ताक़त वाली कसरत शुरू करें।

सावधानी: चक्कर आते हों, घुटने या कमर में दर्द हो, या बीपी की दिक्कत हो, तो यह टेस्ट अकेले न करें। किसी के सामने ही करें।

आख़िरी बात

मांसपेशियों की कमज़ोरी पूरी तरह उम्र की मजबूरी नहीं है। काफ़ी हद तक यह थाली और आदतों का नतीजा है, और थाली हम आज ही बदल सकते हैं।

कल सुबह चाय के साथ बस एक चीज़ ज़रूर जोड़िए, चाहे मुट्ठी भर भीगी मूँगफली हो या एक कटोरी हंग कर्ड।

आपसे दो सवाल (कमेंट में बताइए):

  1. आज सुबह आपने कितना प्रोटीन खाया? “ज़ीरो”, “थोड़ा”, या “ठीक-ठाक”?
  2. कुर्सी वाले टेस्ट में आपका समय कितना रहा? जैसे, “मेरा टाइम, 11 सेकंड।”

और यह लेख अपने किसी ऐसे परिजन को ज़रूर भेजें, जो रोज़ सुबह सिर्फ़ चाय-बिस्कुट पर निकाल देते हैं।

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